राहत-ए-वतन
है राम तेरी भूमि में सब लोग कमजोर खड़े है,
सरहदों पे भी तेरे नाम के चर्चे है!!
क्या बताये हालत-ए-वतन, यहाँ तो बस गरीब ही शोषित है,
बाकि तो सब पकवान और क्वारंटाइन challenge में विलीन है!!
राम भूमि की तरफ तो ये सारे शोषित चल पड़े,
न जाने कितनी लंका दिल में लेके वापस आ पड़े!!
शायद तुम बस एक समाज के लिये हो
बाकि तो बस एक माया है,
तुम्हारे नाम का सब कुछ बन गया
पर उसमे तुम्हरी छाया कहा है ?
देखिये प्रभु आप की दरवाजे पर खड़ी है आप की वानर सेना,
पर क्या करे इस सेना ने कोई यूनिफार्म नहीं पहना!!
कम से कम अपने भक्तो का तो ख़याल रखना, अपने एजेंट लोगो को बोलना
इस भक्त का कोई सामान / या हिसाब गिरवी मत रखना !!
अगर तुम हो तो इन लोगो को समझा देना, की कैसे तुम राम बने,
रामराज्य आने से पहले कितने जनाजे उठे!!
-- म्हसोबा --

Don't know any other better way to express as you did!
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